ख़्वाब..
कही ख़्वाब देखे है हमने साथ मिलकर
उसे युही तोडना ना गलतफहमी पालकर..
ख़्वाब तो होते है जीने का मजबूत सहारा
डूबती कश्ती को जैसे उम्मीद का किनारा..
अपनी आँखों पर पड़ा वह पर्दा जरा हटा दो
ख़्वाब हम दोनों के है ख़्वाब संभाल कर रखो..!!
***सुनिल पवार...✍️
उसे युही तोडना ना गलतफहमी पालकर..
ख़्वाब तो होते है जीने का मजबूत सहारा
डूबती कश्ती को जैसे उम्मीद का किनारा..
अपनी आँखों पर पड़ा वह पर्दा जरा हटा दो
ख़्वाब हम दोनों के है ख़्वाब संभाल कर रखो..!!
***सुनिल पवार...✍️

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