नदी. के दो किनारे..
नदी के दो किनारे हम
साथ तो चलते है
मगर मिल नही पाते हम..
बहती धारा है यह जीवन
क्या पता
कहा ले जाएंगे कदम..!!
साथ तो चलते है
मगर मिल नही पाते हम..
बहती धारा है यह जीवन
क्या पता
कहा ले जाएंगे कदम..!!
क्यों ना?
दिलों का बाँध डाल के
इस बहती धारा को
रोक कर रखे
ताकि कुछ क्षण ही सही
मिलन के इस ऐहसास को
महसूस करे हम..
नदी के दो किनारे है हम..
साथ तो चलते है
मगर मिल नही पाते हम..!!
दिलों का बाँध डाल के
इस बहती धारा को
रोक कर रखे
ताकि कुछ क्षण ही सही
मिलन के इस ऐहसास को
महसूस करे हम..
नदी के दो किनारे है हम..
साथ तो चलते है
मगर मिल नही पाते हम..!!
यह ना समजना के
थमने वाला
कभी जीवन नही होता
गर ऐसा होता
तो पानी को कौन जीवन कहता
कुछ पल ठहर जाते है
इस मोड़ पर फिर से हम..
नदी के दो किनारे हम..
साथ तो चलते है
मगर मिल नही पाते हम..!!
थमने वाला
कभी जीवन नही होता
गर ऐसा होता
तो पानी को कौन जीवन कहता
कुछ पल ठहर जाते है
इस मोड़ पर फिर से हम..
नदी के दो किनारे हम..
साथ तो चलते है
मगर मिल नही पाते हम..!!

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