shabda Tarang
Thursday, 25 June 2015
|| तुम ||
|| तुम ||
×××××
तारो की इस मैफिल का
रोशनदान चाँद हो तुम..
मिल जाए तो क्या बात
वह हँसी ख्वाब हो तुम..!!
मिट जाए ना कभी दिल से
वह मीठा आलम हो तुम..
जगमगाए जीवन मेरा
वह आबताब हो तुम..!!
--सुनिल पवार..
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