असर...
किसी के
संगत का असर
दो तरह से
हो सकता हैं।
या तो
आदत लगती है
या फिर
छूट जाती है।
पर अपने मामले में
असर दो तरफ़ा रहा
मुझे
आदत लग गई
और
तुम्हारी छूट गई।
--सुनील पवार..✍️
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