आज तो गले मिल जाओ..
बरसो की इल्तज़ा थी
तमन्नाओं को हकीकत में पाऊँ
आज मौका भी है और दस्तूर भी
आज तो गले मिल जाओ।
तमन्नाओं को हकीकत में पाऊँ
आज मौका भी है और दस्तूर भी
आज तो गले मिल जाओ।
मैं चकोर किरनों का प्यासा
तुम चाँद मेरा कहलाओ
मेरे आँगन की शोभा बढ़ाओ
आज तो गले मिल जाओ।
तुम चाँद मेरा कहलाओ
मेरे आँगन की शोभा बढ़ाओ
आज तो गले मिल जाओ।
ईद हो या दिवाली
तेरे दर का हूँ सवाली
अब जाए ना उम्मीद खाली, चली आओ
आज तो गले मिल जाओ।
--सुनिल पवार..✍️
तेरे दर का हूँ सवाली
अब जाए ना उम्मीद खाली, चली आओ
आज तो गले मिल जाओ।
--सुनिल पवार..✍️

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