पल दो पल के लिए..
पल दो पल के लिए साथ मिल जाए
काफ़ी है।
यादों के सहारे ज़िंदगी कट जाए
काफ़ी है।
वैसे भी कितनी जरूरतें है इंसान की
कुछ हौसला, कुछ उम्मीदें मिल जाए
काफ़ी है।
--सुनील पवार..
पल दो पल के लिए..
अपना काम करो..
अपना काम करो
फूलों की तरह जियो।
चंद घड़ी की ज़िंदगी को
सुगंध से भर दो।
अंजाम जो भी हो
कर भला तो हो भला।
तोड़ने वाले हाथों को भी
तुम सुगंधित कर दो।
--सुनील पवार..✍️